गाड़ी का इंजन ज़्यादा गर्म होना (Engine Overheating) सिर्फ असुविधाजनक ही नहीं, बल्कि खतरनाक भी है। अगर समय रहते इसका समाधान न किया जाए तो इंजन को भारी नुकसान हो सकता है। इसके सबसे आम दो कारण हैं – रेडिएटर फैन का काम न करना और कूलेंट का लीक होना। इन दोनों समस्याओं के चलते इंजन से गर्मी सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाती, जिससे ओवरहीटिंग होती है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
इंजन के ओवरहीट होने के संभावित कारण
1. रेडिएटर फैन का काम न करना
फैन मोटर का खराब होना।
रिले या फ्यूज़ जल जाना।2. कूलेंट लीक होना
रेडिएटर होज़ (Pipe) में दरार या ढीलापन।
रेडिएटर में जंग लगना या छेद होना।3. अन्य कारण
थर्मोस्टैट वाल्व का अटक जाना।
रेडिएटर ब्लॉकेज।रेडिएटर फैन की जांच कैसे करें
तापमान बढ़ने पर फैन अपने आप शुरू होना चाहिए।
अगर ऐसा नहीं होता, तो मोटर, रिले या सेंसर खराब हो सकते हैं।कूलेंट लीक की जांच कैसे करें
रेडिएटर, पाइप और टैंक के पास लीक के निशान देखें।
जमीन पर हरे, गुलाबी या नारंगी रंग के तरल के धब्बे मिलें तो यह कूलेंट है।समाधान के तरीके
रेडिएटर फैन की खराबी में
मोटर बदलें।
रिले या फ्यूज़ बदलें।कूलेंट लीक होने पर
खराब पाइप बदलें।
रेडिएटर रिपेयर या रिप्लेस करें।कूलेंट सिस्टम में एयर ब्लीडिंग
सही ग्रेड का कूलेंट भरें (कार मैनुअल के अनुसार)।
एयर बबल्स निकालने के लिए ब्लीडिंग करें ताकि कूलेंट का फ्लो स्मूथ रहे।ओवरहीटिंग से बचने के उपाय
नियमित रूप से कूलेंट लेवल जांचें।
हर 2-3 साल में कूलेंट बदलें।तुरंत गाड़ी रोकें अगर
तापमान गेज रेड जोन में चला जाए।
इंजन से धुआं या भाप निकले।निष्कर्ष
अगर आपका इंजन ओवरहीट हो रहा है और कारण रेडिएटर फैन का खराब होना या कूलेंट लीक है, तो देर न करें। तुरंत फैन और कूलेंट सिस्टम की जांच और रिपेयर करवाएं। इससे इंजन को महंगे रिपेयर से बचाया जा सकता है और गाड़ी की परफॉर्मेंस लंबे समय तक बनी रहती है।

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